Saturday, May 18, 2013

माँ बड़ी!!!

जोड़ी जिसने पूरे परिवार की कड़ी
वो है मेरी माँ बड़ी ...

चाहे कितनी भी हो मुसीबत ,हमेशा हमारी ढाल बनकर खड़ी
वो है मेरी माँ बड़ी ...

सहेजा पूरे परिवार के संबंधों को और खुद भी सफलता के सोपान पर चढ़ी
वो है मेरी माँ बड़ी ...

कभी प्यार से पुचकारा हमें , तो कभी दिखाई गुस्से की छड़ी
वो है मेरी माँ बड़ी ...

कितना भी कठिन हो समय , हर कठिनाई में पूरे साहस से लड़ी
वो है मेरी माँ बड़ी ...

कितनी भी हो गड़बड़ी , उसने संभाला हर घडी
ऐसी है मेरी  माँ बड़ी ...

सुधारा जिसने अपना लोक परलोक, जिनकी 'कीर्ति' भी आगे बढ़ी
ऐसी है मेरी  माँ बड़ी ...

जिसने आते ही संवारा सारे घर आँगन  को, और लगा दी खुशियों की झड़ी
ऐसी है मेरी  माँ बड़ी ...



जैसे हीरों में 'कोहिनूर' मणियों में 'कौस्तुभ ' मणि , मिठाई में 'काजू कतली' और खीर में 'रबड़ी'
ऐसी है मेरी  माँ बड़ी ...

जो स्वयं 'कैलाश' के मुकुट पर जड़ी और है 'गिरनार' की संजीवनी 'बूटी-जड़ी'
ऐसी है मेरी माँ बड़ी ...

पूर्ण की जिसने सभी की 'अगम' 'अभिलाषा' खुद को 'अर्पिता ' कर संवार दी पूरी पीढ़ी
ऐसी है मेरी  माँ बड़ी ...

जिनके चरणों में शीश नवाके, मैंने ये 'अभय ' गाथा पढ़ी
हाँ ऐसी ही है मेरी माँ बड़ी , यही है मेरी माँ बड़ी ........


3 comments:

Ajay Agrawal said...

Really heart touching.. I never know about your this talent. Keep it up.

Ajay Agrawal
Chhatarpur

DHEERAJ JABALPUR said...

बहुत सुन्दर

payal gupta said...

Very nice and true

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