Sunday, February 10, 2013

मुझे पागल रहने दो ..

कभी हंसी कभी रुलाई कभी ख़ुशी कभी गम
मुझे अपने जस्बातों में बहने दो !

हाँ मै पागल हूँ मुझे पागल रहने दो ......

कभी झूटी कभी सच्ची कभी बुरी कभी अच्छी
मीठी या कडवी बातें मुझे  कहने दो!

हाँ मै पागल हूँ मुझे पागल रहने दो ......

तकदीर के हालात और मुकद्दर के सितम
ये जो भी कुछ हैं मुझे सहने दो ......

 हाँ मै पागल हूँ मुझे पागल रहने दो ......

नकली नकाब और झूटी मुस्कानें
खोखली हंसी इस चेहरे को पहनने  दो ....

 हाँ मै पागल हूँ मुझे पागल रहने दो ......

कच्चे धोगों के रिश्ते  और तेज़ मांजो  की उम्मीदों
को आपस में उलझने दो .......

हाँ मै पागल हूँ मुझे पागल रहने दो ......
हाँ मै पागल हूँ मुझे पागल रहने दो ......



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